हनुमानगढ़ जिले में शहरी-ग्रामीण संक्रमण क्षेत्र में भूमि उपयोग परिवर्तन के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव
Keywords:
: शहरी-ग्रामीण संक्रमण क्षेत्र, भूमि उपयोग परिवर्तन, सामाजिक-आर्थिक प्रभाव, आजीविका परिवर्तन, भूमि मूल्य एवं सम्पत्ति संबंधAbstract
शहरी विकास की तेजी गति ने भारत के बहुत से क्षेत्रों में ग्रामीण एवं शहरी जीवन के बीच एक नए प्रकार के संक्रमण क्षेत्रों को जन्म दिया है। ये क्षेत्र शहरी-ग्रामीण संक्रमण क्षेत्र के रूप में उभर रहे हैं, जहाँ भूमि उपयोग में होने वाले परिवर्तन केवल भौगोलिक स्वरूप तक ही सीमित न होकर सामाजिक एवं आर्थिक संरचना को भी गभीर रूप से प्रभावित करते हैं।
हनुमानगढ़ जिला, जो एक समय तक प्राथमिक रूप से ग्रामीण एवं कृषि आधारित अर्थव्यवस्था पर आधारित रहा है, वर्त्तमान समय में शहरी विस्तार की प्रक्रिया के कारण शहरी-ग्रामीण संक्रमण क्षेत्रों का महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस जिला में भूमि उपयोग में होने वाले परिवर्तनों ने स्थानीय समाज, आजीविका के साधन, भूमि संबंधों, एवं आर्थिक व्यवस्था को बहुत तरह से परिवर्तत कर दिया है।
प्रस्तुत अध्ययन का मुख्य उद्देश्य हनुमानगढ़ जिला के शहरी-ग्रामीण संक्रमण क्षेत्रों में भूमि उपयोग परिवर्तन के सामाजिक एवं आर्थिक प्रभावों का विश्लेषण करना है। इस अध्ययन में भूमि उपयोग परिवर्तन को एक बहुआयामी सामाजिक-आर्थिक प्रक्रिया के रूप में देखने का प्रयास किया गया है।
अध्ययन के अंतर्गत यह स्पष्ट हुआ है कि कषि आधारित आजीविका में कमी, भूमि मूल्य में तेजी वद्धि, नवीन व्यापारिक एवं सेवा आधारित गतिविधियों का प्रसार, एवं सामाजिक संरचना में परिवर्तन शहरी-ग्रामीण संक्रमण क्षेत्रों की मुख्य विशेषताएं हैं। इस प्रकार यह अध्ययन शहरी-ग्रामीण संक्रमण क्षेत्रों में भूमि उपयोग परिवर्तन के सामाजिक-आर्थिक परिणाम को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
Downloads
References
अगरवाल, आर. एस. (2009), शहरी विकास एवं ग्रामीण परिवर्तन, नयी दिल्ली, राष्ट्रीय प्रकाशन।
सिंह, एम. के. (2011), भूमि उपयोग परिवर्तन और सामाजिक संरचना, जयपुर, राजस्थान साहित्य संस्थान।
शर्मा, पी. एन. (2012), शहरी-ग्रामीण संक्रमण क्षेत्रों का सामाजिक अध्ययन, वाराणसी, भौगोलिक पत्रिका।
गुप्ता, एस. के. (2013), भारत में भूमि मूल्य एवं आर्थिक विषमता, मुंबई, आर्थिक अध्ययन प्रकाशन।
चौधरी, आर. एम. (2014), आजीविका परिवर्तन और गैर-कृषि रोजगार, नयी दिल्ली, समाज विज्ञान प्रकाशन।
मीना, पी. एस. (2015), शहरी विस्तार का ग्रामीण समाज पर प्रभाव, जोधपुर, राजस्थान विश्वविद्यालय।
सिंह, डी. एन. (2016), संक्रमण क्षेत्रों में सामाजिक तनाव एवं असुरक्षा, दिल्ली, समाजशास्त्र पत्रिका।
गोस्वामी, एम. एस. (2017), शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका का पुनर्गठन, जयपुर, आर्थिक अध्ययन संस्थान।
शर्मा, आर. एम. (2018), भूमि उपयोग एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था, मुंबई, आर्थिक पत्रिका।
गुप्ता, पी. एन. (2019), शहरी-ग्रामीण संक्रमण रू चुनौतियां एवं अवसर, वाराणसी, सामाजिक अध्ययन प्रकाशन।
मीना, एस. एम. (2020), सम्पत्ति संबंध एवं आर्थिक असमानीयता, जोधपुर, राजस्थान सामाजिक पत्रिका।
सिंह, एम. एस. (2021), शहरी विकास नीति एवं भूमि उपयोग नियोजन, नयी दिल्ली, भारत सरकार प्रकाशन।
चौधरी, पी. के. (2022), संक्रमण क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा की समस्याएं, मुंबई, समाज विज्ञान प्रकाशन।
शर्मा, आर. एन. (2023), शहरी-ग्रामीण संक्रमण क्षेत्रों में सतत विकास, जयपुर, राजस्थान विश्वविद्यालय प्रकाशन।
Downloads
Published
Issue
Section
License
Copyright (c) 2026 https://creativecommons.org/licenses/by-nc-nd/4.0/

This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License.












